“ 20s की उम्र में Diabetes का Risk क्यों बढ़ रहा है? जानिए कारण, लक्षण और बचाव ”

आज के समय में डायबिटीज को केवल 40 या 50 वर्ष की उम्र से जुड़ी बीमारी मानना सही नहीं है। अब कम उम्र के युवाओं में भी हाई ब्लड शुगर और टाइप-2 डायबिटीज के मामले सामने आ रहे हैं। WHO के अनुसार, टाइप-2 डायबिटीज अब बच्चों, किशोरों और युवाओं में भी पहले की तुलना में अधिक दिखाई देती है। इसके पीछे शरीर का बढ़ता वजन, कम शारीरिक गतिविधि, अस्वास्थ्यकर खान-पान और आनुवंशिक जोखिम जैसे कई कारण हो सकते हैं।

भारत में भी डायबिटीज एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है। WHO India के अनुसार, भारत में अनुमानित 7.7 करोड़ (77 Million )वयस्क टाइप-2 डायबिटीज से प्रभावित हैं और लगभग 2.5 करोड़(25 Million ) लोग प्रीडायबिटीज (Prediabetic ) की स्थिति में हैं। WHO यह भी बताता है कि बड़ी संख्या में लोगों को अपनी डायबिटीज की जानकारी समय पर नहीं होती।

“The image shows: 8 key Causes of Diabetes in young Adults .”

WHO के अनुसार diabetes तब होती है जब शरीर पर्याप्त insulin नहीं बना पाता या insulin का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पाता। लंबे समय तक बढ़ा हुआ blood glucose शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।

20s यानी 20 से 29 वर्ष की उम्र को आमतौर पर युवा अवस्था माना जाता है। लेकिन इस उम्र में भी कुछ लोगों में diabetes या prediabetes का risk बढ़ सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर युवा को diabetes होने वाली है। Risk व्यक्ति की family history, body weight, physical activity, diet और अन्य स्वास्थ्य परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

20s में Diabetes का Risk क्यों बढ़ सकता है?

1. Physical activity कम होना

आजकल पढ़ाई, office work और लगातार screen use के कारण कई युवा लंबे समय तक बैठे रहते हैं। कम physical activity Type 2 diabetes के risk factors में शामिल है। CDC के अनुसार सप्ताह में तीन बार से कम physical activity करना risk बढ़ाने वाले factors में शामिल हो सकता है।

इसलिए रोजमर्रा की जिंदगी में walking, cycling, खेल या अन्य physical activity को शामिल करना उपयोगी हो सकता है।

2. Overweight और abdominal fat

Body में excess weight, खासकर पेट के आसपास जमा अतिरिक्त fat, Type 2 diabetes के risk से जुड़ा हुआ है। WHO भी overweight और physical inactivity को Type 2 diabetes के प्रमुख risk factors में बताता है।

युवा उम्र में बढ़ता हुआ weight केवल appearance का विषय नहीं है। यह metabolic health को भी प्रभावित कर सकता है।

3. Family history

अगर माता-पिता, भाई या बहन को Type 2 diabetes है, तो व्यक्ति का risk बढ़ सकता है। Genetic factors को बदला नहीं जा सकता, लेकिन lifestyle और नियमित health check-up पर ध्यान देकर risk को manage करने में मदद मिल सकती है।

4. Unhealthy eating pattern

बहुत अधिक sugary drinks, मिठाइयां, highly processed foods और calorie-dense foods का लगातार सेवन weight gain और खराब metabolic health में योगदान कर सकता है।

इसका मतलब यह नहीं है कि किसी एक food को खाने से diabetes हो जाती है। Diabetes का risk कई factors के combination से प्रभावित होता है।

5. Prediabetes

Prediabetes ऐसी स्थिति है जिसमें blood glucose सामान्य से अधिक होता है, लेकिन diabetes की diagnostic range तक नहीं पहुंचता। WHO के अनुसार impaired fasting glucose और impaired glucose tolerance वाले लोगों में आगे Type 2 diabetes विकसित होने का risk अधिक होता है, हालांकि diabetes होना निश्चित नहीं है।

इसलिए यदि किसी युवा को prediabetes का पता चलता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

क्या 20s में Diabetes के Symptoms दिखाई देते हैं?

Type 2 diabetes कई बार धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआती चरण में symptoms बहुत हल्के हो सकते हैं या बिल्कुल दिखाई नहीं दे सकते।

कुछ सामान्य symptoms में शामिल हैं:

  • बार-बार पेशाब आना
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना
  • ज्यादा भूख लगना
  • लगातार थकान महसूस होना
  • धुंधला दिखाई देना
  • बिना कोशिश के वजन कम होना

WHO के अनुसार Type 1 diabetes अक्सर अधिक तेजी से symptoms के साथ सामने आ सकती है, जबकि Type 2 diabetes में symptoms लंबे समय तक हल्के रह सकते हैं।

अगर 20s में किसी व्यक्ति को ऐसे symptoms लगातार महसूस हों, तो केवल internet information के आधार पर diagnosis नहीं करना चाहिए। डॉक्टर से consultation और उचित blood glucose testing जरूरी है।

20s में कौन-से Diabetes Tests किए जाते हैं?

Diabetes का पता केवल symptoms देखकर नहीं लगाया जा सकता। WHO के अनुसार diagnosis के लिए blood glucose measurements का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें प्रमुख tests हैं:

Fasting Plasma Glucose (FPG): खाली पेट blood glucose की जांच।

HbA1c: यह पिछले लगभग 2–3 महीनों के औसत blood glucose के बारे में जानकारी देता है।

Oral Glucose Tolerance Test (OGTT): इसमें glucose लेने के बाद blood glucose response को मापा जाता है (FortisHealthcare)

Random Plasma Glucose: दिन में किसी भी समय blood glucose की जांच की जा सकती है; symptoms और clinical situation के अनुसार इसका इस्तेमाल diagnosis में किया जा सकता है।

किस test की आवश्यकता है और result की interpretation कैसे करनी है, यह healthcare professional तय कर सकते हैं।

20s में Diabetes Risk को कैसे कम करें?

Type 1 diabetes को lifestyle changes से prevent करने का कोई established तरीका नहीं है। लेकिन Type 2 diabetes के risk को lifestyle changes से कम या delay किया जा सकता है।

1. नियमित Physical Activity

WHO कम से कम 150 मिनट moderate-intensity physical activity प्रति सप्ताह की सलाह देता है। इसे अपनी क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार routine में शामिल किया जा सकता है।

2. Balanced Diet

Diet में vegetables, fruits, whole grains, pulses और अन्य nutritious foods को शामिल करें। अत्यधिक sugary drinks और highly processed foods को सीमित करना बेहतर है।

3. Healthy Weight Maintain करें

यदि overweight है, तो healthcare professional की सलाह के अनुसार धीरे-धीरे healthy weight की ओर बढ़ना Type 2 diabetes risk को कम करने में मदद कर सकता है।

4. Smoking से बचें

WHO diabetes prevention के लिए tobacco smoking से बचने की सलाह देता है।

5. Family History होने पर सतर्क रहें

यदि परिवार में diabetes का इतिहास है, तो symptoms न होने पर भी अपने डॉक्टर से पूछें कि आपके लिए blood glucose testing कब उचित होगी।

क्या 20s में Diabetes को पूरी तरह रोकना संभव है?

इसका जवाब diabetes के प्रकार पर निर्भर करता है।

Type 1 diabetes एक autoimmune condition है और इसे वर्तमान में lifestyle changes से prevent करने का स्थापित तरीका नहीं है। दूसरी ओर, Type 2 diabetes के कई risk factors lifestyle से जुड़े होते हैं और lifestyle changes इसके onset को prevent या delay करने में मदद कर सकते हैं।

इसलिए युवा उम्र में healthy lifestyle अपनाना केवल diabetes के लिए ही नहीं, बल्कि overall cardiovascular और metabolic health के लिए भी महत्वपूर्ण है।

Result

20s में diabetes का risk सभी युवाओं में समान नहीं होता। Family history, overweight/obesity, कम physical activity और prediabetes जैसे factors risk बढ़ा सकते हैं। Type 2 diabetes कई बार धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआत में symptoms स्पष्ट नहीं होते।

इसलिए यदि किसी व्यक्ति में risk factors मौजूद हैं या diabetes के symptoms दिखाई दे रहे हैं, तो समय पर healthcare professional से सलाह लेकर appropriate blood glucose testing कराना उपयोगी हो सकता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 20s में diabetes का नाम सुनकर घबराने के बजाय अपने modifiable risk factors पर ध्यान दें—regular physical activity, balanced diet, healthy weight और appropriate medical check-ups इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

Final Conclusion

20s की उम्र में diabetes को केवल “बड़ी उम्र की बीमारी” समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। Type 2 diabetes कम उम्र में भी हो सकती है और कई बार शुरुआत में इसके symptoms स्पष्ट नहीं होते।

Healthy lifestyle, पर्याप्त physical activity, balanced diet और risk factors की जानकारी diabetes prevention और early detection में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

अगर आपको बार-बार प्यास लगना, frequent urination, unexplained weight loss, blurred vision या लगातार fatigue जैसे symptoms हो रहे हैं, तो self-diagnosis करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें और उचित blood glucose test करवाएं।

Medical Disclaimer

यह लेख केवल general health awareness और educational information के लिए है। यह किसी व्यक्ति के लिए medical diagnosis, treatment या prescription नहीं है। Diabetes का diagnosis केवल उचित clinical assessment और blood glucose testing के आधार पर healthcare professional द्वारा किया जाना चाहिए।

यदि आपको diabetes के symptoms हैं, आप pregnant हैं, पहले से prediabetes/diabetes है, या कोई अन्य medical condition/medication चल रही है, तो अपने डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह लें। किसी भी दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद न करें।

Sources: WHO और CDC की diabetes guidance.

The post created by Dr.Sailendra Kumar ( Medical officer Govt. Hospital, Auraiya, UP, INDIA 206244)

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